भूल शायद बहुत बड़ी कर ली
हम ने दुनिया से दोस्ती कर ली
तुम मोहब्बत को खेल कहते हो
हम ने बर्बाद ज़िंदगी कर ली
शब की नज़रें बचा के देख लिया
आँखों आँखों में बात भी कर ली
आशिक़ी में बहुत ज़रूरी है
बेवफ़ाई कभी कभी कर ली
हम नहीं जानते चराग़ों ने
क्यों अँधेरों से दोस्ती कर ली
धड़कनें दफ़्न हो गई होंगी
दिल में दीवार क्यों खड़ी कर ली
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